Google पर दिखने वाले Ads से कैसे हो रहा बड़ा Scam?

Wait 5 sec.

Google पर कुछ ढूंढते समय ऊपर दिखाई देने वाला Sponsored Ad अक्सर हमें भरोसेमंद लगता है. कई लोग किसी वेबसाइट का एड्रेस खुद टाइप करने या बुकमार्क खोलने की जगह Google पर उसका नाम सर्च करके सबसे ऊपर आने वाले लिंक पर क्लिक कर देते हैं. आज साइबर अपराधी इसी आदत का फायदा उठा रहे हैं, यह Google Ads के जरिए ऐसी फर्जी वेबसाइटों को प्रमोट कर रहे हैं, जो देखने में बिल्कुल असली वेबसाइट जैसी लगती हैं. एक गलत क्लिक आपको फेक लॉगिन पेज तक ले जा सकता है, जहां दी गई जानकारी सीधे स्कैमर्स के पास पहुंच सकती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि Google पर दिखने वाले Ads से कैसे बड़ा Scam हो रहा है. Google Ads के जरिए कितना हो रहा Scam?Google की Ads Safety Report 2024 के मुताबिक, कंपनी ने नियम तोड़ने वाले करीब 41.5 करोड़ Ads को ब्लॉक या हटा दिया था. इसके अलावा करीब 50 लाख विज्ञापन अकाउंट्स पर भी कार्रवाई की गई. ऑनलाइन विज्ञापन के जरिए होने वाली धोखाधड़ी कितने बड़े स्तर पर पहुंच चुकी है. साइबर अपराधी सिर्फ आम यूजर्स को ही निशाना नहीं बना रहे हैं. SEO प्रोफेशनल्स और Google Ads अकाउंट चलाने वाले बिजनेस यूजर्स भी इनके निशाने पर हैं. कैसे हो रहा Scam?साइबर अपराधी Google Ads में असली कंपनियों जैसे दिखने वाले फर्जी  Ads चलाते हैं. इन पर क्लिक करने पर यूजर नकली वेबसाइट या लॉगिन पेज पर पहुंच सकता है, जहां उसकी पासवर्ड और दूसरी संवेदनशील जानकारी चोरी हो सकती है. स्कैमर्स Google, Semrush या किसी बिजनेस की नकल करते हैं और जल्दी कार्रवाई करने का दबाव बनाते हैं. Google Ads Scam के तरीके 1. Fake Semrush वेबसाइट -  Semrush SEO प्रोफेशनल्स के बीच लोकप्रिय टूल है. स्कैमर्स Semrush के असली लॉगिन पेज की नकल बनाकर उसे Google Ads के जरिए प्रमोट करते हैं. यूजर इसे असली समझकर लॉगिन कर सकता है. 2. Semrush नाम वाले फर्जी डोमेन - फर्जी वेबसाइटों के डोमेन में भी Semrush नाम रखा जाता है, जिससे पहली नजर में वेबसाइट भरोसेमंद लगती है. Google से लॉगिन करने पर यूजर नकली Google पेज पर पहुंच सकता है. यह भी पढ़ें - क्या होता है Android System Intelligence? जानें बंद करने पर फोन में क्या होता है3. Fake Google Ads का इस्तेमाल - स्कैमर्स Google Sites जैसी सर्विस के जरिए ऐसा फर्जी पेज तैयार करते हैं, जो Google Ads की असली वेबसाइट जैसा दिखाई देता है. यहां लॉगिन डिटेल डालने पर डेटा चोरी हो सकता है. 4. Fake Google Rep बनकर ठगी - साइबर ठग फोन या ईमेल के जरिए खुद को Google का कर्मचारी बताकर डराने की कोशिश करते हैं. वे अकाउंट बंद होने या Ads रुकने की बात कहकर तुरंत कार्रवाई करने को कहते हैं. Google का असली Rep आपसे कभी पासवर्ड, वेरिफिकेशन कोड या पेमेंट की जानकारी नहीं मांगता है. ऐसे  पहचानें Fake Google Ads Google पर दिखने वाला हर Ad जरूरी नहीं कि असली हो. किसी भी विज्ञापन पर क्लिक करने से पहले वेबसाइट का URL ध्यान से चेक करें और देखें कि उसमें कोई अजीब स्पेलिंग या अलग डोमेन तो नहीं है. अगर कोई Ad आपको तुरंत लॉगिन करने, पासवर्ड या दूसरी संवेदनशील जानकारी देने के लिए कह रहा है, तो सावधान रहें. Google के नाम पर आए संदिग्ध ईमेल या लिंक पर सीधे क्लिक करने की जगह Google Ads की वेबसाइट खुद खोलकर अकाउंट की जानकारी चेक करें. यह भी पढ़ें - Google अकाउंट हैक हुआ तो क्या-क्या जा सकता है? Security Checkup ऐसे करें