मध्य प्रदेश में जर्जर बिजली ढांचे से दो वर्षों में 1,258 जानलेवा हादसे हुए। इनमें 615 लोगों और 643 मवेशियों की मौत हुई, जबकि 178 लोग गंभीर घायल हुए।