क़र्ज़ दाताओं का दावा है कि कारोबारी सुभाष चंद्रा से जुड़ी कंपनियों ने 22 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक का क़र्ज़ लिया था. लेकिन इन डिफ़ाल्टर कंपनियों के गारंटर सुभाष चंद्रा को सिर्फ़ 6.5 करोड़ रुपये ही चुकाने होंगे.