महाकाल दर्शन के बाद अब श्रद्धालु उज्जैन के दूसरे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक भी आसानी से पहुंच सकें, इसके लिए शहर के मंदिरों को अलग-अलग परियोजनाओं के बजाय एकीकृत तीर्थ-पर्यटन नेटवर्क के रूप में विकसित करने की तैयारी है।