अमेरिका में मोहन भागवत के इस कार्यक्रम का विरोध भी हो रहा था. कुछ लोगों का मानना है कि भागवत की अमेरिका यात्रा आरएसएस की अपनी छवि सुधारने के लिए चलाए जा रहे एक बड़े जनसंपर्क अभियान का हिस्सा है.