बिहार सरकार किसे तुरंत आरोपी बनाए और तत्काल आरोप-मुक्त कर दे, समझना अब मुश्किल नहीं रहा है। भरत तिवारी एनकाउंटर में दूसरी बार यह सामने आ चुका है। आईएएस के साथ बिहार प्रशासनिक और बिहार पुलिस सेवा के तबादले में यही चर्चा का विषय है।