डब्ल्यूएसजे ने लिखा है, अब आरएसएस भारत से बाहर अपनी पहचान और विश्वसनीयता बनाने के मक़सद से एक अंतरराष्ट्रीय दौरे पर निकल रहा है, लेकिन अमेरिका में उसे विरोध का सामना करना पड़ रहा है.