अब लार्जर बेंच यह तय करेगी कि नियमितीकरण अथवा नियमित पद पर संविलियन से पहले दैनिक वेतन भोगी के रूप में की गई सेवा अवधि को पेंशन के लिए अर्हक सेवा में शामिल किया जा सकता है या नहीं। फैसला प्रदेश के हजारों पूर्व दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।