How To Prevent Chafing: जांघे छिलने से हैं परेशान? इन तरीकों से जिंदगी भर के लिए मिल जाएगा आराम

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How To Prevent Thigh Chafing In Summer: गर्मियों या उमस भरे मौसम में कई लोगों को जांघों के बीच त्वचा छिलने की परेशानी होने लगती है. चलने, दौड़ने या ज्यादा देर तक एक्टिव रहने पर यह समस्या और बढ़ सकती है. कई बार कपड़ों की रगड़, पसीना और त्वचा के आपस में घर्षण की वजह से जांघों के बीच लालिमा, जलन और खुजली होने लगती है. अगर समय रहते इसका ध्यान न रखा जाए तो त्वचा पर छोटे-छोटे दाने, छाले या घाव भी हो सकते हैं.इस समस्या को मेडिकल भाषा में चफिंग कहा जाता है. यह सिर्फ जांघों तक सीमित नहीं है. बगल, कमर, नितंब, छाती और पैरों में भी त्वचा के रगड़ खाने से चफिंग हो सकती है. हालांकि, सही देखभाल और कुछ आसान सावधानियों की मदद से इससे बचा जा सकता है और बार-बार होने वाली परेशानी को काफी हद तक रोका जा सकता है.आखिर जांघों की त्वचा क्यों छिलती है?हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली संस्था clevelandclinic के अनुसार, जांघों के छिलने की सबसे बड़ी वजह त्वचा का लगातार आपस में रगड़ना है. जब चलने या किसी दूसरी एक्टिविटी के दौरान दोनों जांघों की त्वचा बार-बार एक-दूसरे से टकराती है तो वहां घर्षण बढ़ जाता है. कपड़ों की रगड़ भी इस समस्या को बढ़ा सकती है. पसीना और नमी इस परेशानी को और गंभीर बना देते हैं. नम त्वचा ज्यादा आसानी से क्षतिग्रस्त होती है और लगातार रगड़ लगने पर जलन और लालिमा बढ़ सकती है. यही वजह है कि गर्म और उमस वाले मौसम में जांघों के छिलने की शिकायत ज्यादा देखने को मिलती है.जो लोग ज्यादा एक्सरसाइज करते हैं, लंबे समय तक चलते हैं या ऐसी गतिविधियां करते हैं जिनमें लगातार शरीर की मूवमेंट होती है, उनमें भी चफिंग का खतरा बढ़ सकता है. बहुत टाइट कपड़े या ऐसे कपड़े जिनमें नमी ज्यादा देर तक बनी रहती है, वे भी परेशानी की वजह बन सकते हैं.जांघें छिलने पर कैसे पहचानें समस्या?शुरुआत में प्रभावित जगह पर लालिमा और हल्की जलन महसूस हो सकती है. इसके साथ त्वचा में खुजली, रूखापन या छूने पर गर्माहट महसूस हो सकती है. कई लोगों को चलने या कपड़ा लगने पर चुभन और दर्द भी होता है. अगर रगड़ ज्यादा बढ़ जाए तो त्वचा पर छोटे-छोटे उभरे हुए दाने, छाले या घाव हो सकते हैं. गंभीर स्थिति में त्वचा फट सकती है और खून भी आ सकता है. इसलिए लगातार होने वाली जलन को सिर्फ सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.सबसे पहले रगड़ को रोकना जरूरीअगर जांघों की त्वचा छिल गई है तो सबसे पहले उस गतिविधि से कुछ समय के लिए ब्रेक लें, जिसकी वजह से रगड़ हो रही है. त्वचा को ठीक होने का समय देना जरूरी है. इस दौरान साफ और आरामदायक कपड़े पहनें, जो त्वचा से ज्यादा न रगड़ें. बहुत टाइट कपड़ों से बचना भी फायदेमंद हो सकता है. ऐसे कपड़े चुनें जो शरीर के लिए आरामदायक हों और पसीने को त्वचा पर लंबे समय तक जमा न रहने दें.नमी को कंट्रोल करेंजांघों के बीच पसीना और नमी चफिंग को बढ़ा सकते हैं. इसलिए इस हिस्से को साफ और सूखा रखना जरूरी है. नमी सोखने वाले फैब्रिक के कपड़े पहने जा सकते हैं. जरूरत पड़ने पर कॉर्नस्टार्च का इस्तेमाल अतिरिक्त नमी सोखने के लिए किया जा सकता है. हालांकि, अगर त्वचा पहले से फट गई है या घाव बन गया है तो किसी भी घरेलू चीज को लगाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है.त्वचा को दें राहतप्रभावित हिस्से को हल्के साबुन और पानी से साफ करें और धीरे से सुखाएं. इसके बाद एलोवेरा जेल या पेट्रोलियम जेली की बहुत पतली परत लगाई जा सकती है. ये त्वचा को शांत करने और आगे होने वाली रगड़ को कम करने में मदद कर सकते हैं. पेट्रोलियम जेली जैसी चीजें त्वचा और कपड़े के बीच घर्षण कम करने में भी मदद कर सकती हैं. लेकिन अगर दर्द, सूजन या घाव बढ़ रहा हो तो खुद से इलाज करते रहने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करें.इसे भी पढ़ें: 3 गुनी ज्यादा शुगर वाली फेंटा कितनी खतरनाक, जानें हेल्थ को कितने गुना नुकसान?दोबारा जांघें न छिलें, इसके लिए क्या करें?बार-बार चफिंग से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि कपड़े सही फिटिंग के हों. बहुत टाइट कपड़े जांघों में रगड़ बढ़ा सकते हैं. कपड़े के फैब्रिक का चुनाव भी महत्वपूर्ण है. नमी सोखने वाले फैब्रिक बेहतर हो सकते हैं, जबकि कॉटन पसीना सोखने के बाद देर तक गीला रह सकता है. अगर आप रनिंग, साइकिलिंग या कोई दूसरी एक्सरसाइज करते हैं तो एक्टिविटी शुरू करने से पहले एंटी-चफिंग प्रोडक्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है. जरूरत के मुताबिक पैडिंग या टेप भी रगड़ वाली जगह पर सुरक्षा दे सकता है.कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?हल्की चफिंग आमतौर पर कुछ दिनों में ठीक हो जाती है. लेकिन अगर समस्या लगातार बनी रहे, लक्षण बढ़ते जाएं या त्वचा पर छाले, घाव, ज्यादा सूजन या खून आने लगे तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. लगातार नमी और त्वचा के खराब होने से बैक्टीरियल या फंगल इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ सकता है. जांघों के बीच होने वाली हर जलन चफिंग ही हो, यह जरूरी नहीं है. उदाहरण के लिए जॉक इच एक फंगल इंफेक्शन है, जबकि चफिंग मुख्य रूप से रगड़ की वजह से होती है.इसे भी पढ़ें: क्या सफेद चीनी से होती है डायबिटीज, क्या कहती है मेडिकल रिसर्च?