AI वीडियो देखकर हो जाएं सावधान! जानें असली या नकली पहचानने की ट्रिक

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आज के समय में AI (Artificial Intelligence) की मदद से वीडियो बनाना पहले के मुकाबले में काफी आसान हो चुका है. कुछ टूल्स की मदद से किसी व्यक्ति के चेहरे, आवाज और बोलने के अंदाज को बदलकर ऐसा वीडियो तैयार किया जा सकता है जिसे पहली नजर में देखकर असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाता है. ऐसे वीडियो को नॉर्मली डीपफेक (Deepfake) कहा जाता है.सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने वाले वीडियो पर तुरंत भरोसा बिलकुल भी नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसे वीडियो आपको ठगी का शिकार भी बना सकते हैं. इसलिए किसी भी संदिग्ध वीडियो को शेयर करने से पहले इन 5 तरीकों से उसकी जांच जरूर करना चाहिए.चेहरे और आंखों की हरकत पर दें ध्यानदरअसल, AI-generated वीडियो में चेहरा कई बार अजीब तरीके से दिखाई देता है. खासकर आंखों की पलकें, चेहरे के भाव और होंठों की मूवमेंट को ध्यान से देखें. बोलते समय होंठ और आवाज का तालमेल सही न होना, चेहरे के कुछ हिस्सों का अचानक बदलना या आंखों की एक्टिविटी अजीब लगना वीडियो के नकली होने का संकेत होता है.यह भी पढ़ें: AI बताएगा कब बुक करें Flight-Hotel! Google का नया फीचर बचाएगा आपके पैसेआवाज और होंठों को मैच करेंDeepfake वीडियो में किसी व्यक्ति की आवाज की नकल करना भी संभव है. इसलिए वीडियो देखते समय ये चेक करें कि आवाज के साथ होंठ सही समय पर हिल रहे हैं या नहीं.कई बार AI वीडियो में आवाज थोड़ी रोबोटिक, भावनाओं से अलग लगती है. आवाज के उतार-चढ़ाव और व्यक्ति के चेहरे के भावों में अंतर भी संदेह पैदा कर सकता है.वीडियो का सोर्स जरूर चेक करेंअगर कोई वीडियो अचानक सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है तो ये जरूरी नहीं कि उसमें दिखाई गई जानकारी सही हो. वीडियो किस अकाउंट से पोस्ट किया गया है और उसका असली सोर्स क्या है, इन सब चीजों को जरूर चेक करना चाहिए. अगर वीडियो में किसी बड़े नेता, अभिनेता या कंपनी से जुड़ा दावा किया गया है तो उस व्यक्ति या संस्था के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट और वेबसाइट पर भी जानकारी को वेरिफाई करना चाहिए.वीडियो की क्वालिटी में गड़बड़ी तलाशेंAI-generated वीडियो में कभी-कभी हाथ, उंगलियां, दांत, बाल, कान या बैकग्राउंड अजीब दिखाई देते हैं. चेहरे और गर्दन के आसपास भी हल्का धुंधलापन या बदलाव नजर आ सकता है. इसीलिए अगर आपको थोड़ा सा भी शक हो तो वीडियो को रोककर अलग-अलग फ्रेम को चेक करें. अगर किसी फ्रेम में चेहरा अचानक बदलता है या बैकग्राउंड की चीजों का साइज बिगड़ता दिखाई देता है तो समझ जाएं कि वीडियो एआई से बनाया गया है.खबर को दूसरे भरोसेमंद सोर्स से वेरिफाई करेंआपकी जानकारी के लिए बता दें कि किसी वायरल वीडियो के आधार पर तुरंत फैसला बिलकुल भी नहीं लेना चाहिए. उसमें किए गए दावे को कई विश्वसनीय न्यूज वेबसाइट या ऑफिशियल सोर्स चेक करना चाहिए. अगर वीडियो में किसी बड़ी घटना की बात कही गई है लेकिन किसी भरोसेमंद सोर्स पर उसका जिक्र नहीं मिलता है तो सावधान हो जाना चाहिए.यह भी पढ़ें:फोन का Cache कर दिया साफ फिर भी नहीं बढ़ी स्पीड! जानिए क्या है वजह