भागीरथपुरा के रहवासी घटना के तीन महीने पहले से शिकायत कर रहे थे कि क्षेत्र में दूषित पानी आ रहा है, लेकिन जनप्रतिनिधियों ने इस पर ध्यान ही नहीं दिया। एक दो नहीं दर्जनों लोगों के बयान में यह बात सामने आई है। यह बात हाई कोर्ट में पेश की गई रिपोर्ट के अवलोकन में सामने आई है।