जिस नदी की चौड़ाई सरकारी राजस्व रिकार्ड में कहीं 40 तो कहीं 160 मीटर तक दर्ज है, उसकी मौजूदा जलधारा को देखकर शायद अंदाजा भी न हो कि बाढ़ के वक्त पानी आखिर कहां-कहां तक पहुंच सकता है।