blood expiry date: अक्सर लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि डोनेट किया गया ब्लड हमेशा के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, बल्कि इसकी भी एक तय एक्सपायरी डेट होती है. ब्लड बैंकों में खून को खास तापमान पर सुरक्षित रखा जाता है, ताकि उसकी गुणवत्ता बनी रहे. लेकिन एक तय समय के बाद उसमें मौजूद जरूरी तत्व कमजोर पड़ने लगते हैं, इसलिए एक्सपायरी डेट का ध्यान रखना जरूरी होता है, ताकि मरीज को सुरक्षित और असरदार खून मिल सके.ब्लड के अलग-अलग हिस्सों की अलग होती है एक्सपायरीपूरा खून यानी होल ब्लड आमतौर पर 21 से 35 दिनों तक इस्तेमाल के लायक माना जाता है, यह समय-सीमा उसमें मिलाए गए प्रिजर्वेटिव पर निर्भर करती है. रेड ब्लड सेल्स को अलग करके सही तापमान पर रखा जाए, तो इसे लगभग 42 दिनों तक इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं प्लेटलेट्स सबसे जल्दी खराब होने वाला हिस्सा माने जाते हैं, इन्हें सिर्फ 5 से 7 दिनों के भीतर ही इस्तेमाल करना होता है, इसलिए इनकी मांग भी अक्सर ज्यादा रहती है. प्लाज्मा को अगर फ्रीज करके रखा जाए, तो इसकी एक्सपायरी लगभग एक साल तक बढ़ जाती है, यही वजह है कि इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है.यह भी पढ़ें: Shingles Vaccine से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा भी कम, स्टडी में बड़ा दावा एक्सपायरी के बाद क्यों नहीं होता ब्लड इस्तेमालएक्सपायरी डेट के बाद खून में मौजूद ऑक्सीजन ले जाने वाली क्षमता कमजोर पड़ने लगती है, जिससे मरीज को उतना फायदा नहीं मिल पाता. इसके अलावा एक्सपायर हो चुके ब्लड में बैक्टीरिया बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है, जो मरीज की सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. कई बार पुराने खून में मौजूद पोटैशियम की मात्रा भी बढ़ जाती है, जो शरीर पर उल्टा असर डाल सकती है. यही वजह है कि ब्लड बैंक हर यूनिट पर उसकी तारीख और एक्सपायरी डेट साफ तौर पर दर्ज करते हैं. मरीज को चढ़ाने से पहले डॉक्टर और स्टाफ इस जानकारी की बारीकी से जांच करते हैं, ताकि किसी भी तरह की लापरवाही से बचा जा सके.सही तापमान पर स्टोरेज है सबसे जरूरी बातब्लड की गुणवत्ता बनाए रखने में तापमान की भूमिका सबसे अहम होती है, इसलिए इसे हमेशा तय रेफ्रिजरेशन में ही रखा जाता है. होल ब्लड और रेड ब्लड सेल्स को 2 से 6 डिग्री सेल्सियस के बीच रखा जाता है, जबकि प्लाज्मा को माइनस तापमान पर फ्रीज करके सुरक्षित रखा जाता है. प्लेटलेट्स को हल्के हिलते हुए तापमान नियंत्रित मशीन में रखा जाता है, ताकि उनकी गुणवत्ता ज्यादा दिनों तक बनी रहे. तापमान में जरा सी भी गड़बड़ी होने पर ब्लड की क्वालिटी पर असर पड़ने लगता है, इसलिए ब्लड बैंकों में इसकी नियमित निगरानी की जाती है. आम लोगों को भी यह समझना जरूरी होता है कि ब्लड डोनेशन एक जिम्मेदारी भरा काम है, इसलिए इससे जुड़ी सही जानकारी रखना हर किसी के लिए फायदेमंद साबित होता है.यह भी पढ़ें: स्क्रीनशॉट लेने की आदत से घट रही है आपकी याददाश्त, नई रिसर्च में खुलासा