छत्तीसगढ़ को पूर्ण साक्षर बनाने के लक्ष्य से उल्लास नव भारत साक्षरता पखवाड़ा शुरू किया गया है। दो सितंबर से प्रदेशभर में 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षरों और स्वयंसेवी शिक्षकों की पहचान के लिए घर घर सर्वेक्षण चल रहा है। कक्षा नौवीं से बारहवीं के विद्यार्थियों को दस निरक्षरों को साक्षर बनाने में सहयोग करने पर दस बोनस अंक मिलेंगे।