धमतरी के श्यामतराई गांव में गीता बाई साहू के निधन के बाद अंतिम संस्कार को लेकर ग्रामीणों और परिजनों में विवाद हो गया। परिवार द्वारा रामपाल पंथ का पालन करने और पारंपरिक रीति-रिवाज न मानने के कारण ग्रामीणों ने श्मशान का रास्ता रोक दिया था। बाद में प्रशासन की समझाइश से हिंदू रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।