दिल्ली हाईकोर्ट के 3 जुलाई 2026 के आदेश के बाद अस्पतालों द्वारा दाखिल की गई ऑडिट रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि कई प्रमुख अस्पतालों में करोड़ों रुपये की महंगी मशीनें और उपकरण बिना इस्तेमाल के बेकार पड़े हैं।