यह आदेश शासकीय, अशासकीय अनुदान प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों पर लागू होगा। इसमें एमपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई से संबद्ध स्कूल भी शामिल हैं।