मंगलवार को सत्ताधारी और विपक्षी पार्टियों के सांसदों की भीड़ एक दूसरे के ख़िलाफ़ नारे लगा रही थी. ऐसा लग रहा था कि कभी भी हाथापाई की स्थिति आ सकती है.