आदित्य बिड़ला समूह का अंतरराष्ट्रीय सफर भारतीय कॉरपोरेट इतिहास की एक मिसाल है। 1970 के दशक में, जब भारत में कड़े विदेशी मुद्रा नियमों और लाल फीताशाही के कारण विदेश में निवेश करना बेहद कठिन था, तब आदित्य बिड़ला ने थाईलैंड से अपने वैश्विक कारोबार की नींव रखी।