15 अगस्त के भाषणों में देशभक्ति के साथ राष्ट्रनिर्माण, युवा जिम्मेदारी, लोकतांत्रिक मूल्यों, इनोवेशन और वैश्विक नेतृत्व जैसे वर्तमान तथा भविष्य से जुड़े विषयों को शामिल करना चाहिए।