सहायक कुलसचिव ने पत्र में बताया है कि उन्हें 15 जुलाई को स्थापना विभाग का प्रभार सौंपा गया था। इसके बाद से ही कर्मचारियों और अधिकारियों की पदोन्नति तथा वरिष्ठता सूची के प्रकाशन को लेकर उन पर दबाव बनाया जा रहा है।