दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा का आप पर बड़ा हमला:कहा- 68 हजार करोड़ के फर्जी ई-वे बिल बने, 97 फीसदी टेंडर फाइलें ही गायब कर दीं

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दिल्ली में कैग रिपोर्ट के आने के बाद कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केजरीवाल सरकार पर निशाने साधे है। मंत्री का दावा है कि कैग की रिपोर्ट केजरीवाल सरकार का लिखित भ्रष्टाचार का कच्चा चिट्ठा है। कैग रिपोर्ट के 4 सबसे बड़े और सनसनीखेज खुलासे प्रवेश वर्मा ने दावा किया कि रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मार्च 2023 तक 68,680 करोड़ रुपये के बोगस ई-वे बिल बनाए गए। 8,334 ऐसे कारोबारी थे जिनका जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद भी बिल कटते रहे। वहीं 70,410 करोड़ रुपये का टैक्स रेवेन्यू कुछ बड़े व्यापारियों पर 5 सालों से पेंडिंग रखा गया। उन्होंने बताया कि नियमों को ताक पर रखकर 1,185 मैनुअल टेंडर जारी किए गए। इसमें से केवल 3% टेंडर के ही रिकॉर्ड मौजूद हैं, जबकि 97% कॉन्ट्रैक्ट अवॉर्ड की फाइलें सरकारी दफ्तरों से पूरी तरह गायब हैं। मंत्री ने दावा किया कि बिजली सब्सिडी में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। ऐसे 50 हजार उपभोक्ता जिनका पूरे 12 महीने बिल जीरो आया, उन्हें 17.81 करोड़ की सब्सिडी बांटी गई। वहीं 90 हजार बंद पड़े घरों के नाम पर 11.88 करोड़ रुपये रिलीज किए गए। मंत्री ने बताया कि LNJP अस्पताल निर्माण में प्रति बेड लागत जो 33 लाख आनी चाहिए थी, उसे तत्कालीन मंत्री सत्येंद्र जैन के दौर में बढ़ाकर 72 लाख प्रति बेड कर दिया गया। बापोला इंडस्ट्रियल पार्क के नाम पर भी 28 सालों में बिना काम के करोड़ों का नुकसान दिखाया गया।