छत्तीसगढ़ में नगरीय निकायों के कामकाज को लेकर राज्य सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अक्सर यह देखने में आता था कि चुनाव जीतने के बाद महिला जनप्रतिनिधि नाम की प्रतिनिधि होती थीं और पर्दे के पीछे से उनके पति या अन्य पुरुष रिश्तेदार सत्ता संभालते थे, जिसे 'पति राज' कहा जाता था। अब सरकार ने इस व्यवस्था पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।