इस पूरे मामले में अब बालाघाट और सिवनी के बाद जबलपुर के भी तार एथनाल फर्जीवाड़े से जुड़ गए हैं। दरअसल मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा धान उपार्जन बालाघाट, सिवनी के बाद जबलपुर में किया जाता है। यहां करीब 55 हजार किसानों से करीब इस बार 40 लाख क्विंटल धान खरीदी गई।