महाविद्यालय में प्राध्यापकों एवं अन्य कर्मचारियों के कुल 25 पद स्वीकृत हैं, लेकिन एक शिक्षक हैं। वे केवल हिंदी पढ़ाते हैं। बाकी सभी विषयों की पढ़ाई पूरी तरह ठप है और उनका शैक्षणिक भविष्य अंधकार में दिखाई दे रहा है।