वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा और उर्स व मजारों के आसपास रुककर पुलिस से बचता रहा। कुछ समय बाद हुलिया बदलकर रायपुर लौटे जगीरा की जानकारी उसके साथ रहने वाले भिक्षुओं से मिली, जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।