अमेरिका में भारतीय राजदूत ने बताया कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और यूरोपीय देशों में पहले से ही ऐसे कानून लागू हैं। ऐसे में भारत कोई अलग कानून नहीं ला रहा है। यह कानून विदेशी फंड के बेहतर मैनेजमेंट के लिए है।