सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज कराने के लिए लागू ई-अटेंडेंस व्यवस्था पर हाई कोर्ट में अब यह सवाल केंद्र में है कि सरकारी काम के लिए कर्मचारी को निजी संसाधन इस्तेमाल करने के लिए बाध्य किया जा सकता है या नहीं।