न्याय की आस में आपके पास आने वाले व्यक्ति की आधी परेशानी सिर्फ आपके व्यवहार से दूर हो सकती है। अगर आप उससे उसी की भाषा में, उसके आत्मसम्मान का ध्यान रखते हुए संवाद करेंगे तो वह सहज होने लगेगा और आप पर उसका विश्वास बढ़ जाएगा।