बिलासपुर के रतनपुर-केंदा-केंवची एनएच-45 पर 600 करोड़ की लागत से बन रही सड़क पहली ही बारिश में 30 से 40 किलोमीटर तक धंस गई है। निर्माण एजेंसी द्वारा तय तकनीकी मानकों की अनदेखी कर मिट्टी-मुरूम पर सड़क बनाने और 300-400 ओवरलोडेड कोयला ट्रकों के बेतहाशा दबाव से राहगीरों के लिए आवागमन खतरनाक हो गया है।