हमने प्रकृति के विज्ञान को नहीं पढ़ा। मानसून प्रकृति का अपना प्रबंधन था। अब पेड़ लगाने का जमाना जा चुका है, हमें पानी लगाना होगा। नदियों को पुर्नीजवित करना होगा। जब नदी में पानी आता है तो सबकुछ लौटकर आता है।