विधार्थियों को मेडिकल और फिर वेटरनरी, दोनों काउंसलिंग में भाग लेने का अवसर मिलता है, लेकिन जो विद्याथी, वेटरनरी की ही तैयारी करते हैं, उन्हें वेटरनरी में भी बमुश्किल से प्रवेश मिलता है। अधिकांश विद्यार्थी मेडिकल में प्रवेश न मिलने के बाद वेटरनरी में प्रवेश लेते हैं। कई तो बीच में ही छोड़ देते हैं।