मध्य प्रदेश में कम बारिश के चलते बिजली की मांग 30% बढ़कर 13,471 मेगावॉट पहुंच गई है, जबकि जलाशयों में पानी घटने से हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर जनरेशन गिरकर एक-चौथाई रह गया है।