एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला... 4 साल तक सहमति से बना संबंध दुष्कर्म नहीं, निरस्त की रेप की FIR

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हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि यदि दो बालिग अपनी स्वतंत्र इच्छा और बिना किसी प्रलोभन के लंबे समय तक संबंध में रहते हैं, तो उसे दुष्कर्म नहीं माना जा सकता।