दिल्ली सरकार ने गुरुवार को कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। सरकार ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने छात्र आंदोलन हिंसा और झड़प में 13 FIR दर्ज की हैं। सरकार के आदेश के अनुसार, जिन लोगों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया है, उन्हें जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा। हालांकि, सरकार ने कहा कि जिन लोगों का क्रिमिनल रिकॉर्ड है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। सरकार ने यह भी कहा कि इस मामले को अब बंद माना जाएगा और भविष्य में इन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई नई कार्रवाई नहीं की जाएगी। अबतक 4 राज्यों ने केस वापस लिए अबतक 4 राज्य सरकारें NEET-UG 2026 पेपर लीक विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले और FIR वापस लेने की घोषणा कर चुकी हैं। इनमें असम, बिहार, महाराष्ट्र और दिल्ली शामिल हैं। दिल्ली पुलिस का दावा- प्रदर्शनकारियों में रेपिस्ट-डकैत भी शामिल थे दिल्ली पुलिस फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (FCR) के जरिए जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट करने वालों की पहचान की। दिल्ली पुलिस की जांच में दावा किया गया है कि जांच में 2,873 लोगों का वैरिफिकेशन हुआ। इनमें से 989 पर हत्या, डकैती, लूट, रेप से जुड़े मामले दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक जांच में 101 लोग हत्या, 62 हत्या के प्रयास, 284 लूट-डकैती, 229 आर्म्स एक्ट, 135 स्नैचिंग, 19 अपहरण और 67 NDPS एक्ट से जुड़े मामलों में आरोपी पाए गए। इसके अलावा 61 लोगों के खिलाफ रेप, 25 के खिलाफ महिलाओं से छेड़छाड़ और 6 लोगों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामले दर्ज पाए गए। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि वह हालात पर कड़ी नजर रख रही है। साथ ही किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए एहतियात के तौर पर सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं।