How Often Should You Clean a Water Tank: घर की पानी की टंकी ऊपर से देखने में बिल्कुल साफ दिखाई दे सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उसके अंदर जमा पानी भी पूरी तरह सुरक्षित है. अक्सर लोग टंकी की सफाई तभी करवाते हैं, जब पानी का रंग बदलने लगे या उसमें बदबू आने लगे. जबकि एक्सपर्ट का मानना है कि ऐसा होने का इंतजार करना सही नहीं है. टंकी की नियमित सफाई न सिर्फ पानी की क्वालिटी बनाए रखती है, बल्कि परिवार को बैक्टीरिया, शैवाल और अन्य हानिकारक सूक्ष्मजीवों से भी बचाती है.दरअसल, पानी की टंकी लंबे समय तक बंद रहने के कारण उसके अंदर धीरे-धीरे धूल, मिट्टी, जंग के कण और खनिज जमा होने लगते हैं. अगर टंकी छत पर रखी है और लगातार धूप पड़ती है तो उसके अंदर एल्गी और बैक्टीरिया तेजी से पनप सकते हैं. बाहर से टंकी बिल्कुल साफ दिखने के बावजूद अंदर की सतह पर गंदगी जमा हो सकती है, जो रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले पानी को प्रभावित करती है.कितने महीने में करनी चाहिए सफाई?अगर आपके घर में सामान्य पानी की सप्लाई आती है, तो पानी की टंकी की सफाई हर 6 महीने में एक बार जरूर करानी चाहिए. यही सबसे सुरक्षित अंतराल माना जाता है. हालांकि कुछ परिस्थितियों में यह समय और कम भी हो सकता है. अगर आपके इलाके में हार्ड वॉटर की समस्या है, पानी की सप्लाई बार-बार बाधित होती है, आसपास धूल ज्यादा रहती है या मानसून के दौरान पानी की क्वालिटी खराब हो जाती है, तो टंकी की सफाई हर 3 से 4 महीने में कराना बेहतर रहेगा. वहीं किसी भी स्थिति में टंकी को 12 महीने से ज्यादा बिना साफ किए नहीं छोड़ना चाहिए.कौन-से संकेत बताते हैं कि अब सफाई जरूरी है?कई बार टंकी खुद संकेत देने लगती है कि अब सफाई का समय आ गया है. अगर नल के पानी का स्वाद बदल जाए, उसमें हल्की बदबू आने लगे या पानी का रंग पीला, भूरा या धुंधला दिखाई दे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. इसके अलावा गिलास में पानी भरने पर नीचे महीन कण दिखाई देना, पानी का दबाव कम होना या पाइपलाइन में बार-बार रुकावट आना भी टंकी के अंदर गंदगी जमा होने के संकेत हो सकते हैं. अगर टंकी के अंदर टॉर्च से देखने पर हरे रंग की परत या एल्गी नजर आए तो तुरंत सफाई करानी चाहिए.इसे भी पढ़ें- पोछा लगाते समय पानी में मिलाएं ये चीजें, सीसे की तरह चमक उठेगा घर का कोना-कोनाटंकी की सफाई कैसे करें?सबसे पहले पानी की सप्लाई बंद करें और टंकी को पूरी तरह खाली कर दें. इसके बाद लंबे हैंडल वाले ब्रश या पोछे की मदद से टंकी की अंदरूनी दीवारों और तली को अच्छी तरह रगड़कर साफ करें. जिद्दी दाग होने पर हल्के डिटर्जेंट का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके बाद साफ पानी से टंकी को कई बार धोएं ताकि सारी गंदगी और साबुन पूरी तरह निकल जाए. अंतिम चरण में घरेलू ब्लीच से तैयार की गई कीटाणुनाशक घोल का इस्तेमाल करें. इसे कुछ समय तक टंकी में रहने दें ताकि बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्मजीव खत्म हो जाएं. आखिर में टंकी को दोबारा साफ पानी से अच्छी तरह धोकर ही भरें.कुछ छोटी बातें भी रखें ध्यानसिर्फ सफाई करना ही काफी नहीं है. समय-समय पर टंकी का ढक्कन भी जांचते रहें. अगर ढक्कन टूटा हुआ है या ठीक से बंद नहीं होता, तो धूल, कीड़े-मकौड़े और बारिश का गंदा पानी आसानी से अंदर पहुंच सकता है. इससे पानी जल्दी दूषित होने लगता है. अगर टंकी लंबे समय तक आधी खाली रहती है और पानी कई दिनों तक उसी में जमा रहता है, तो भी बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए कोशिश करें कि पानी का नियमित इस्तेमाल होता रहे और टंकी में लंबे समय तक ठहरा हुआ पानी न रहे.सफाई का समय पहले से तय करेंअक्सर लोग टंकी की सफाई तब याद करते हैं, जब कोई समस्या सामने आती है. बेहतर होगा कि हर छह महीने का रिमाइंडर पहले से कैलेंडर या मोबाइल में सेट कर लें. इससे सफाई समय पर होती रहेगी और पानी की क्वालिटी भी बनी रहेगी. याद रखें, सिर्फ इसलिए कि पानी की टंकी बाहर से साफ दिख रही है, यह मान लेना ठीक नहीं कि अंदर भी सब कुछ साफ है.इसे भी पढ़ें- किचन सिंक से टपक रहा पानी तो अपनाएं ये ट्रिक्स, बिना प्लंबर के मिनटों में होगा ठीक