हर मानसून में जलभराव की समस्या से जूझने वाले सदर बाजार के कुतुब रोड और तेलीवाड़ा अखाड़ा क्षेत्र में इस बार दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। जलभराव रोकने के लिए निगम ने दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली मेट्रो और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ संयुक्त कार्ययोजना तैयार की है। निगम आयुक्त संजीव खिरवार ने शनिवार को क्षेत्र का निरीक्षण कर अधिकारियों को स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान स्थानीय पार्षद एवं क्षेत्रीय अध्यक्ष उषा शर्मा, सिटी-सदर पहाड़गंज जोन की उपायुक्त कुनिका, एमसीडी, दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली मेट्रो और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जलभराव वाले सभी संवेदनशील बिंदुओं का निरीक्षण किया और बारिश के दौरान पानी निकासी में आने वाली बाधाओं की समीक्षा की। निरीक्षण में पाया गया कि मुख्य मैनहोल में प्लास्टिक, पॉलीथीन और अन्य ठोस कचरा फंसने से सीवर लाइनें जाम हो जाती हैं, जिससे सड़क पर पानी भर जाता है। इसे रोकने के लिए निगम ने मैनहोल पर लोहे की ग्रिल लगाने का निर्णय लिया है, ताकि कचरा अंदर न जा सके और वर्षा जल की निकासी सुचारु बनी रहे। आयुक्त ने अन्य मैनहोलों का भी निरीक्षण कर वहां ग्रिल लगाने और सभी पंपिंग स्टेशनों की नियमित जांच के निर्देश दिए। 24 घंटे निगरानी, विभागों के बीच रहेगा सीधा समन्वय आयुक्त ने निर्देश दिए कि क्षेत्र में 24×7 कर्मचारियों की तैनाती रहे और जलभराव की किसी भी सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जाए। दिल्ली जल बोर्ड को सभी सीवर लाइनों की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करने तथा अन्य विभागों के साथ समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। जलभराव रोकना ही हमारी प्राथमिकतासंजीव खिरवार ने कहा कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान केवल बेहतर समन्वय और समय रहते की गई तैयारी से ही संभव है। उन्होंने कहा कि निगम का लक्ष्य संवेदनशील इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने से पहले ही प्रभावी इंतजाम करना है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं और भरोसा दिलाया कि इस मानसून में जलनिकासी व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।