Snail Mail Trend: इंस्टेंट मैसेज के दौर में क्यों बढ़ रहा 'स्नेल मेल क्लब' का क्रेज?

Wait 5 sec.

Snail Mail Trend: एक जमाना था जब घर की घंटी बजते ही एक अलग सी खुशी मिलती है कोई चिट्ठी, मनी ऑर्डर लाया है. लेकिन आज घंटी बजने से पहले ही सोसाइटी की ऐप बता देती है कि कौन सी डिलीवरी आ रही है, चाहे वह अमेजन हो, ब्लिंकिट हो या स्विगी. हर दिन दरवाजे पर डिलीवरी की लाइन लगी रहती है, लेकिन उसमें अब वह मजा नहीं बचा, सिर्फ इंस्टेंट सैटिस्फैक्शन रह गया है. यही वजह है कि इसी इंस्टेंट कल्चर के बीच लोग अब फिर से असली चिट्ठियों का इंतजार करने लगे हैं. इंस्टाग्राम या पिंटरेस्ट पर स्नेल मेल सर्च करते ही खूबसूरती से सजाए गए लिफाफे दिखते हैं, जिन पर टेप, पुराने जमाने की स्टैंप, सूखे फूल, रंग-बिरंगे स्टिकर और खूबसूरत हैंडराइटिंग होती है. स्नेल मेल क्लब में होता क्या है?आज के डिजिटल थकान भरे माहौल में लोग खुद को जोड़े रखने और छोटे-छोटे कम्युनिटी बनाने की कोशिश कर रहे हैं, और इसी वजह से स्नेल मेल क्लब का ट्रेंड में चल रहा है.  स्नेल मेल कोई नया शब्द नहीं है, यह पुराने जमाने से ही इस्तेमाल होता आ रहा है, क्योंकि डाक से आने वाली चिट्ठी घोंघे जैसी धीमी रफ्तार से पहुंचती थी. इसमें होता यह है कि कोई सोशल मीडिया अकाउंट हर महीने आपको हाथ से लिखी हुई एक खूबसूरत चिट्ठी, कोई आर्टिस्टिक पोस्टकार्ड और कुछ स्टेशनरी आइटम भेजता है. साथ में कभी-कभी बुकमार्क या फ्रिज मैग्नेट जैसी चीजें भी होती हैं, और कई बार एक सरप्राइज एलिमेंट भी रखा जाता है. यह पूरी तरह सब्सक्रिप्शन बेस्ड मॉडल है, जिसकी कीमत आमतौर पर 300 से 500 रुपये महीना होती है, हालांकि क्लब के हिसाब से यह बदल भी सकता है.      View this post on Instagram           A post shared by Purnachi | Designer (@jalebistudio)यह भी पढ़ेंः  दूल्हा घोड़ी पर ही क्यों आता है? शादी की इस रस्म के पीछे छिपी है दिलचस्प कहानीGen Z को क्यों भा रहा है यह ट्रेंड?बहुत सारे Gen Z लोगों के लिए यह ट्रेंड सिर्फ पुरानी यादों को याद करने के बारे में नहीं है, बल्कि इसमें उन्हें एनालॉग एक्सपीरियंस की नयापन ज्यादा आकर्षित करती है. पेन पल्स से लेकर लेटर-राइटिंग वर्कशॉप तक, चिट्ठियों की यह भावना हमेशा से मौजूद रही है, बस हर पीढ़ी ने इससे जुड़ने का अपना तरीका खोज लिया है. इस क्लब का मकसद बस इतना है कि लोगों को चिट्ठी पाने की खुशी फिर से महसूस हो, वे रुककर उस चिट्ठी के साथ थोड़ा वक्त बिताएं, उसकी आर्टवर्क को देखें, खुद के बारे में सोचें. यह भी पढ़ेंः दूल्हा घोड़ी पर ही क्यों आता है? शादी की इस रस्म के पीछे छिपी है दिलचस्प कहानी