अदालत ने एक जनवरी 2006 से पहले सेवानिवृत्त पेंशनरों को वास्तविक वित्तीय लाभ एक सितंबर 2008 से देने संबंधी शासन के परिपत्र और स्पष्टीकरणों को भेदभावपूर्ण मानते हुए उस सीमा तक निरस्त कर दिया है।