पीएम मोदी का 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' सुबह 11 बजे से शुरू हो गया है। कार्यक्रम में देशभर के युवा एक साथ 'नशा मुक्त भारत' की शपथ लेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री का संबोधन होगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यह कार्यक्रम देशभर के 28 हजार से ज्यादा जगहों पर एक साथ आयोजित किया जा रहा है। इसमें 1 करोड़ से ज्यादा युवा शामिल हुए हैं। कार्यक्रम में 5 प्रमुख आध्यात्मिक गुरु भी शामिल होंगे। इनमें अम्मा, श्री श्री रविशंकर, दाजी, डॉ. चिन्मय पंड्या और स्वामी ब्रह्मविहारीजी शामिल हैं। कई मुख्यमंत्री और राज्यपाल भी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। 100 हफ्तों तक हर रविवार कार्यक्रम होगा इस कार्यक्रम का मकसद युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना और उन्हें अपने समाज में बदलाव लाने के लिए आगे बढ़ाना है। यह अभियान अगले 100 हफ्तों तक चलेगा। इसके तहत हर रविवार देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम होंगे, जिनके जरिए लोगों को नशे के नुकसान बताए जाएंगे और नशा मुक्त भारत का संदेश दिया जाएगा। यह अभियान 125 से ज्यादा आध्यात्मिक संगठनों के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसके अलावा स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, सामाजिक संस्थाएं और उद्योग संगठन भी इस अभियान से जुड़े हैं। नशे के खिलाफ जन आंदोलन बनाने की कोशिश सरकार चाहती है कि इस अभियान में स्कूल, कॉलेज, युवा संगठन, सामाजिक संस्थाएं, उद्योग संगठन और आध्यात्मिक संस्थाएं मिलकर काम करें। उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस मुहिम से जुड़ें और नशे के खिलाफ इसे जन आंदोलन बनाया जाए। ---------------------------- पीएम मोदी से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… पीएम मोदी बोले- जंतर-मंतर पर मुझे गालियां दीं, मेरी मां को अपशब्द कहे; ये गुमराह बच्चे हैं, इन्हें राह दिखाने का समय है, इन्हें माफ करना चाहता हूं पीएम मोदी ने शुक्रवार रात इंस्टाग्राम पर रील शेयर की। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर कुछ शरारती बच्चों ने मुझे और मेरी मां को भद्दी-भद्दी गालियां दीं, लेकिन बचपन में गलतियां होती हैं। उन्होंने आगे कहा कि बचपन गलतियों को सुधारने का अवसर भी होता है। ये गुमराह बच्चे हैं, इन्हें राह दिखाने का समय है, इन्हें माफ करना चाहता हूं। पूरी खबर पढ़ें…