केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक़ कच्चे तेल का निर्यात युद्ध से पहले के स्तर पर लौट आया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बाज़ार भी सामान्य स्थिति में लौट आया है.