भारत ने घुसपैठ को बढ़ावा देने और उसमें सहयोग करने को लेकर पाकिस्तान के सामने अपनी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई। यह कदम सीमा सुरक्षा को लेकर भारत की सख्ती और पाकिस्तान की भूमिका पर कूटनीतिक विरोध के तौर पर देखा जा रहा है।