खानपान में बदलाव, सही अनाज का चुनाव व ताजा व हल्का भोजन उपयोगी होता है। प्राचीन आयुर्वेद परंपरा के अनुसार गेहूं और चावल की जगह जौ, बाजरा, रागी और चने के आटे की रोटियां हितकर मानी जाती हैं।