हाई कोर्ट ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।