भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने शनिवार को श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर माफी मांगी। उन्होंने सितंबर में लिखित माफीनामा भेजा था। उसके बाद आज वह श्री अकाल तख्त पर जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज के समक्ष पेश हुए और माफी मांगी। दरअसल, अगस्त में बिधूड़ी समेत भाजपा के 3 सांसद पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार के निधन के बाद उनके घर शोक जताने गए थे। इस पर सिख संगठनों ने आपत्ति जताई थी। बिधूड़ी ने सितंबर में अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज को लिखित स्पष्टीकरण भेजा। उन्होंने सज्जन कुमार के घर जाने को अपनी भूल बताया। आज उन्होंने व्यक्तिगत रूप से पेश होकर माफी मांगी, जिसे जत्थेदार ने सकारात्मक कदम कहा। इस मौके पर शिरोमणि अकाली दल की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना भी श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में मौजूद रहे। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना मकसद नहीं बिधूड़ी ने बताया कि वह सहयोगियों के कहने पर वहां गए थे और उनका मकसद धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने 1984 के दंगों के आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की थी। इस दौरान शिरोमणि अकाली दल दिल्ली के नेता परमजीत सिंह सरना मौजूद थे। जत्थेदार बोले- 'अन्य नेताओं को भी बिधूड़ी से सीख लेनी चाहिए' जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि यह अच्छी बात है कि सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने अपनी गलती को महसूस करते हुए श्री अकाल तख्त साहिब से माफी मांगी है। जत्थेदार ने कहा कि कई अन्य राजनीतिक नेता, विशेष रूप से कांग्रेस से जुड़े नेता भी सज्जन कुमार के घर गए थे। उन्होंने कहा कि इन नेताओं को भी सांसद बिधूड़ी की तरह अपनी गलती को समझते हुए सिख समुदाय से माफी मांगनी चाहिए।