गोंडवाना की महारानी रानी दुर्गावती की 503वीं जयंती पर उनकी प्रशासनिक दूरदर्शिता, स्थानीय संसाधनों पर आधारित आत्मनिर्भर अर्थनीति और अनूठे जल प्रबंधन को याद किया जा रहा है। उनका जीवन न केवल शौर्य बल्कि प्रकृति संरक्षण और सुव्यवस्थित शासन का भी अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करता है।