गलत दिन तर्पण करने पर भटक सकती है आत्मा! सुहागिनों के श्राद्ध में भूलकर भी न करें यह गलती

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पितृ पक्ष में दिवंगत सौभाग्यवती (सुहागिन) स्त्रियों का श्राद्ध केवल आश्विन कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि (मातृ नवमी) को ही करने का शास्त्रसम्मत विधान है। हरिद्वार के ज्योतिषाचार्य के अनुसार, इस दिन सुहागिन स्त्री या ब्राह्मणी को भोजन कराने और सुहाग सामग्री का दान करने से मातृ ऋण से मुक्ति मिलती है।