शिव मंदिर में नंदी का एक पैर आगे और तीन मुड़े होना कलियुग में धर्म की स्थिति को दर्शाता है। यह मुद्रा प्रतीक है कि कलियुग में धर्म केवल 'सत्य' के एक स्तंभ पर ही जीवित है।