चंडीगढ़ से दिल्ली जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट (AI-1879) में बीते रविवार को एक पैसेंजर ने बीच हवा में हंगामा शुरू कर दिया। यात्री ने फ्लाइट की विंडो का शीशा भी तोड़ दिया। उसने फ्लाइट क्रू के साथ बदतमीजी की। हालांकि, क्रू मेंबर्स ने पैसेंजर को संभाला और फ्लाइट को दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कराया। इसके बदा यात्री को सुरक्षा एजेंसियों के हवाले कर दिया गया। यात्री ने दिल्ली एयरपोर्ट पर भी भागने की कोशिश की, लेकिन उसे पकड़ लिया गया। यात्री के परिजन का कहना है कि वह दिमागी रूप से बीमार है। इसके बाद जब उसका मेडिकल करवाया गया तो परिजन की बात सही निकली। इसके बाद यात्री को 30 दिन के लिए नो-फ्लाई लिस्ट में शामिल कर दिया। DDCA को इसकी रिपोर्ट दी दी गई है, जो इसका बैन 6 महीने तक बढ़ा सकता है। एयरलाइंस के प्रवक्ता ने ये जानकारी दी एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया- फ्लाइट में एक यात्री के अनियंत्रित व्यवहार के बाद कॉकपिट क्रू ने एसओपी (SOP) का पालन किया। पैसेंजर को पहले कड़ी चेतावनी दी गई और दिल्ली एयरपोर्ट की सुरक्षा टीम को सूचित किया गया। प्रवक्ता ने कहा- उड़ान के दौरान यात्रियों, क्रू और विमान की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया गया। एयरलाइन यात्रियों और स्टाफ की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी अपनाती है। मामले की जानकारी डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन (DGCA) को दी गई है। आखिर क्या हुआ था फ्लाइट में... एयरपोर्ट से भी भागने लगा यात्री एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी यात्री पटना का रहने वाला है। 8 जून की सुबह इसने दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर उसने पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश की लेकिन CISF की QRT ने उसे दोबारा दबोच लिया। एयरपोर्ट पर यात्री के माता-पिता भी मौजूद थे, जो उसके साथ सफर कर आए थे। उन्होंने बताया कि युवक मानसिक बीमारी से पीड़ित है। उन्होंने उसे पटना ले जाने की गुहार लगाई। हालांकि, जांच जारी होने के कारण एयर इंडिया ने उसे दूसरी फ्लाइट में बैठने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद यात्री का मेडिकल कराया गया। उसकी रिपोर्ट में अनफिट पाए जाने के बाद उसे परिजन के साथ जाने की इजाजत दी गई। अंदर प्लास्टिक का शीशा, बाहर कांच का शीशा तोड़ना मुश्किल इस बारे में एविएशन एक्सपर्ट अश्वनी खन्ना का कहना है कि विमान की विंडो में 2 शीशे होते हैं। दोनों आपस में जुड़े रहते हैं। अंदर का शीशा प्लास्टिक का होता है। बाहर एक कांच का शीशा होता है, जिसे तोड़ना बहुत मुश्किल होता है। उन्होंने कहा- फ्लाइट आसमान में हो और कोई पैसेंजर ऐसी हरकत करे तो क्रिमिनल ऑफेंस माना जाता है। अगर यात्री दोषी पाया जाता है तो सभी एयरलाइंस से उस यात्री की डिटेल शेयर कर दी जाती है, एयरलाइंस उसकी टिकट ही बुक नहीं करतीं। यानी उसका नाम नो फ्लाई लिस्ट में डाल दिया जाता है। डीजीसीए के नियमों के अनुसार फ्लाइट में बदसलूकी करने वाले यात्रियों को तीन श्रेणियों में बांटा जाता है: लेवल-1: मौखिक दुर्व्यवहार के लिए 3 महीने तक बैन। लेवल-2: शारीरिक दुर्व्यवहार के लिए 6 महीने तक बैन। लेवल-3: विमान की सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए 2 साल या उससे अधिक समय के लिए सजा/बैन का प्रावधान है।