रिलेशनशिप एडवाइज- मेरी शादी तय हो गई है:अरेंज मैरिज से डर लग रहा है, पता नहीं नया घर कैसा होगा, इस एंग्जाइटी से कैसे निपटूं?

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सवाल- मेरी उम्र 26 साल है। मेरी अरेंज मैरिज तय हो गई है। लड़का अच्छा है, उससे फोन पर बातचीत भी होती है, लेकिन मैं इस रिश्ते को लेकर पूरी तरह श्योर नहीं हूं। मेरे मन में ये सवाल आता रहता है कि किसी से फोन पर एक-दो बार बात करके उसके बारे में कितना जाना जा सकता है। मुझे नहीं पता कि उसकी फैमिली कैसी होगी। यह सब सोचकर मुझे शादी को लेकर एंग्जाइटी हो रही है। समझ नहीं आ रहा है कि मुझे क्या करना चाहिए? एक्सपर्ट: डॉ. जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा जवाब- सबसे पहले इतने स्पष्ट शब्दों में सवाल पूछने के लिए शुक्रिया। जीवन के इतने अहम फैसले को लेकर मन में दुविधा या घबराहट होना स्वाभाविक है। शादी केवल रस्म नहीं, बल्कि जीवन से जुड़ा बड़ा फैसला है। आपकी चिंता यह बताती है कि आप अपने फैसले को लेकर गंभीर हैं। एंग्जाइटी को समझें शादी एक बड़ा 'लाइफ ट्रांजिशन' है। अरेंज मैरिज में ज्यादातर लोग अपने पार्टनर के अतीत, उसकी आदतों और स्वभाव से पूरी तरह वाकिफ नहीं होते। साइकोलॉजी में इसे 'फियर ऑफ अननोन' कहते हैं। अगर फ्यूचर को लेकर क्लैरिटी न हो तो एंग्जाइटी होना स्वाभाविक है। यह क्लैरिटी क्यों नहीं बन पा रही है, इसके पीछे कई सवाल हो सकते हैं। ग्राफिक में देखिए- फोन कॉल्स और रियलिटी में फर्क फोन कॉल्स पर ज्यादातर लोग अपने बिहेवियर का बेस्ट वर्जन दिखाते हैं। सिर्फ आवाज और शब्दों से किसी इंसान की वैल्यूज, गुस्से का स्तर और कंपैटिबिलिटी का पता लगाना मुश्किल होता है। फोन पर लड़का आपकी हर बात से सहमत हो सकता है। लेकिन असल जीवन में कॉन्फ्लिक्ट्स को वह कैसे हैंडल करता है, यह फोन पर नहीं पता किया जा सकता है। इसलिए आमने-सामने मिलकर बात करना जरूरी है। ग्राफिक से समझिए- शादी से पहले जरूर खोजें इन सवालों के जवाब आपने लिखा है कि आपको इतना बड़ा डिसीजन लेने में घबराहट हो रही है। इसलिए किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले खुद और लड़के को इन 5 पैमानों पर जरूर परखें- इन पॉइंट्स को परखने के लिए बातचीत के दौरान खोजें इन सवालों के जवाब- फाइनेंशियल वैल्यूज करियर और ग्रोथ फैमिली बाउंड्रीज कॉन्फ्लिक्ट मैनेजमेंट लाइफस्टाइल फैमिली डायनामिक्स को समझें अरेंज मैरिज में सिर्फ लड़का अच्छा होना काफी नहीं है। परिवार का माहौल और उसके व्यवहार को समझना भी उतना ही जरूरी है। कई बार पार्टनर अच्छा होता है, लेकिन परिवार की उम्मीदें और 'रूल्स' के भीतर घुटन महसूस हो सकती है। ऐसे में उसके घर वालों से मिलें, उनकी बातचीत के ढंग को समझने की कोशिश करें कि वे आपस में एक-दूसरे का कितना सम्मान करते हैं। साथ ही ग्राफिक में दी गई बातों का ख्याल रखें- रेड फ्लैग्स और ग्रीन फ्लैग्स पहचानें इसके विपरीत अगर वह- आप क्या करें? 1. मीटिंग्स बढ़ाएं: पब्लिक प्लेस पर मिलें। साथ में समय बिताने से व्यवहार की असलियत सामने आएगी। 2. क्लियर बातचीत: अपनी उम्मीदों, करियर और डर के बारे में खुलकर बात करें। 3. समय मांगें: शादी में जल्दबाजी करना ठीक नहीं है। अगर दुविधा है, तो सगाई या शादी की तारीख को लेकर थोड़ा समय मांगें। 4. प्री-मैरिटल काउंसलिंग: अगर उलझन खत्म नहीं हो रही, तो प्रोफेशनल काउंसलर की मदद लें। साथ ही शादी का फैसला लेने से पहले खुद से कुछ सवाल पूछें- शादी समझौता नहीं शादी को लेकर कन्फ्यूजन, दबाव और एंग्जाइटी होना बिल्कुल सामान्य है। लेकिन सही जानकारी, खुले सवाल और समय लेकर पार्टनर को समझने से आप बेहतर और संतुलित फैसला ले सकती हैं। अंतिम सलाह शादी के फैसले में 'हां' कहने का मतलब है कि आप उस व्यक्ति के साथ अपनी कमियों और खूबियों को साझा करने के लिए तैयार हैं। सही फैसले के लिए एक-दूसरे को समझना जरूरी है। स्पष्टता ही आपकी एंग्जाइटी का एकमात्र इलाज है। ………………ये खबर भी पढ़िएरिलेशनशिप एडवाइज- बॉयफ्रेंड बचपन के दोस्त से इनसिक्योर है: कहता है, दोस्ती तोड़ लो, मुझे दोस्ती और प्यार दोनों चाहिए, क्या करूं यह एक कॉमन सिचुएशन है। आपके सवाल से कई लोगों को अपनी सिचुएशन समझने और हैंडल करने में मदद मिलेगी। चलिए अब इसे समझते हैं और उसके सॉल्यूशन पर बात करते हैं। आगे पढ़िए...